गढ़वा, अगस्त 6 -- गढ़वा, हिटी। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के सोमवार को निधन के बाद से दूसरे दिन भी मंगलवार को विभिन्न संस्थानों में शोकसभा आयोजित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। उसी क्रम में फरठिया स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में शोकसभा का आयोजन किया गया। शोक संदेश में कहा गया कि शिबू सोरेन ने न केवल आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी बल्कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभाई। उनका जीवन संघर्ष, तपस्या और समर्पण का प्रतीक रहा है। अन्याय के खिलाफ उनकी आवाज उनके जन्मस्थल की गलियों से होकर पूरे राज्य में गूंजा । मौके पर कहा गया कि 1969-70 में नशाबंदी, साहूकारी व जमीन बेदखली के खिलाफ जनांदोलन शुरू किया। यह जनआंदोलन उन्हें अदिवासी समाज का नायक बनाया I सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की श...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.