नई दिल्ली। हिन्दुस्तान, अगस्त 10 -- दिल्ली सरकार की ओर से स्कूल फीस बढ़ोतरी को लेकर पेश विधेयक पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। विपक्षी दल आप का आरोप है कि यह विधेयक अभिभावकों को राहत के लिए नहीं, बल्कि निजी स्कूलों के हक में है। विधानसभा से पास स्कूल फीस विधेयक को लेकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी से हिन्दुस्तान संवाददाता बृजेश सिंह ने चर्चा की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...* स्कूल फीस विधेयक पर आप को आपत्ति क्यों है? किसी भी स्कूल की फीस सही है या गलत, इसकी जांच का एक तरीका है कि उसका ऑडिट कराइये, लेकिन इस बिल में कहीं भी ऑडिट का प्रावधान नहीं है। स्कूल स्तर की जो कमेटी फैसला करेगी, वह स्कूल प्रबंधन की अध्यक्षता में होगी। उसमें पांच अभिभावक होंगे, जिनका चयन पर्ची से होगा। पर्ची का खेल सबको पता है। अभिभावक को दो साल में कमेटी से हटा दिया जाएगा। अ...
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