शाहजहांपुर, फरवरी 5 -- रोडवेज बस डिपो से प्रतिदिन दिल्ली के लिए करीब 40 बसें संचालित होती हैं, लेकिन इनमें से लगभग आधी बसें सिंगल ड्राइवर के सहारे दौड़ रही हैं। लंबी दूरी के इस रूट पर डबल ड्राइवर की व्यवस्था न होने से यात्री सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिल्ली रूट की दूरी 300 किलोमीटर से अधिक है। नियमों के अनुसार इतनी दूरी पर दो चालकों की तैनाती होनी चाहिए, ताकि एक चालक के थकने पर दूसरा जिम्मेदारी संभाल सके। इसके बावजूद कई बसों में एक ही चालक पूरी दूरी तय करने को मजबूर है। लगातार कई घंटे ड्राइविंग करने से चालक पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता है, जिससे नींद आने, रिफ्लेक्स धीमे होने और निर्णय क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है। यात्रियों का कहना है कि रात की सेवाओं में यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी ट्...
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