नई दिल्ली, जुलाई 4 -- दिल्ली शहर इतिहास के हर पन्ने पर अपनी छाप छोड़ता है। दिल्ली में कई ऐतिहासिक इमारत मौजूद हैं। लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं के मकबरे की भव्यता तो हर कोई जानता है, लेकिन महरौली की संकरी गलियों में छिपा एक ऐसा किला है, जो मुगल साम्राज्य की आखिरी निशानी है। यह है जफर महल, जो कभी शाही दरबार की शान था और आज खंडहरों में तब्दील हो चुका है। आइए, इस गुमनाम स्मारक की कहानी को इतिहास के पन्नों से उकेरते हैं और जानते हैं कि कैसे यह भव्य इमारत गुमनामी के अंधेरे में खो गई।मुगल साम्राज्य की अंतिम इमारत साउथ दिल्ली के महरौली में स्थित जफर महल मुगल काल की आखिरी स्मारकीय संरचना मानी जाती है। इसका निर्माण 18वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर शाह द्वितीय ने शुरू किया था, लेकिन इसे पूरा बहादुर शाह जफर द्वितीय ने 19वीं शताब्दी में करवाया।...
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