नई दिल्ली, अगस्त 12 -- दिल्ली एनसीआर में 10 साल से अधिक पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों के खिलाफ "कोई दंडात्मक कार्रवाई" नहीं की जाएगी। ये आदेश देश की सर्वोच्च अदालत ने जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के दस साल पुराने बैन पर मंगलवार को निर्देश जारी किया है। यह बैन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2015 के आदेश के बाद शुरू हुआ था। आइए अब तक के बड़े घटनाक्रम को समझते हैं हुए जानिए दिल्ली में पुराने वाहनों के प्रतिबंध की पूरी कहानी।2015: प्रदूषण का हवाला देते हुए एनजीटी का कदम एनजीटी की एक पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुराने सभी डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर यह कहते हुए रोक लगाई कि इससे वायु प्रदूषण पर लगाम लगेगी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के इस निर्देश...
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