नई दिल्ली, जनवरी 28 -- दिल्ली सरकार प्रदूषण जांच (PUC) की पूरी व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर रही है। अब सड़क किनारे बने छोटे बूथों की जगह बड़े और सेंट्रलाइज्ड सेंटर ले सकते हैं। सरकार 'PUC 2.0' मॉडल पर काम कर रही है, जहां इंसानों की जगह टेक्नोलॉजी फैसले लेगी।सेंसर और रोबोटिक्स से होगी निगरानी नए प्लान के मुताबिक, सरकार का मकसद प्रदूषण जांच में इंसानी दखल को कम से कम करना है। इसके लिए रोबोटिक्स और सेंसर आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो रियल टाइम में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की जांच करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि कमर्शियल वाहनों के लिए ऐसी व्यवस्था पहले से है, अब इसे नॉन-कमर्शियल यानी निजी गाड़ियों के लिए भी लागू करने का विचार है।CAG की रिपोर्ट ने खोली थी पोल इस बदलाव की बड़ी वजह पिछले साल आई CAG की रिपोर्ट है, जिसने मौजूदा सि...