अमरोहा, नवम्बर 11 -- हसनपुर (अमरोहा), संवाददाता। संविदा पर डीटीसी बस में परिचालक की नौकरी करने वाला अशोक दिन में चांदनी चौक की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी भी करता था। बताया जा रहा है कि संविदा पर नौकरी से उसे इतना पैसा नहीं मिलता था जिससे कि वह दिल्ली में किराए के मकान समेत परिवार के अन्य खर्च वहन कर सके। इसलिए वह गार्ड की नौकरी भी करता था। अशोक के मंगरौला निवासी दोस्त मिंटू का कहना है कि अशोक का सोमवार सुबह फोन आया था। वह कह रहा था कि डीटीसी की संविदा की नौकरी में उसके परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा है। इसलिए वह सुबह में दिल्ली के चांदनी चौक पर एक कंपनी में गार्ड की नौकरी भी करता है। सुबह अशोक ने मिंटू से काफी देर तक बात की थी। उसने अपने दिल की बात भी उससे कही थी। बताया था कि दिल्ली में बच्चों की पढ़ाई लिखाई वह रहने का खर्च इतना अधिक है क...