नई दिल्ली, नवम्बर 19 -- दिसंबर में दिल्ली की सर्दी चरम पर होगी। ठिठुरन भरी ठंड के बीच ग्लोबल जियो-पॉलिटिक्स पूरी तरह गर्म रहेगी। क्योंकि दुनिया के दो सबसे बड़े नेता एक साथ नई दिल्ली में होंगे। दरअसल 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक ऐसे वक्त हो रही है जब पश्चिमी देश, खासकर अमेरिका को लगता था कि वे भारत पर मॉस्को से दूरी बनाने का दबाव डालकर कामयाब हो जाएंगे। लेकिन इसके उलट भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं और दुनिया को साफ संदेश दे रहे हैं कि यह साझेदारी कम नहीं, बल्कि और मजबूत हो रही है। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत आने वाले हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर अभी से तरह-तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि पुतिन का यह भारत दौरा किसी साधारण कूटनीतिक मुलाक...
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