नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- दिल्ली जल बोर्ड ने शुद्ध किए हुए अपशिष्ट जल का बेहतर उपयोग करने के लिए एक नई योजना बनाई है। इस योजना के तहत इस जल को केवल पार्कों और फार्महाउसों में सिंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि झीलों, तालाबों और भूजल को फिर से भरने के काम में भी लगाया जाएगा। इसका मकसद शहर के घटते भूजल स्तर को रोकना और प्राकृतिक जल स्रोतों को फिर से जीवंत करना है।कितना अपशिष्ट जल हो रहा है इस्तेमाल? दिल्ली में रोजाना 701 मिलियन गैलन शुद्ध किया हुआ अपशिष्ट जल तैयार होता है, लेकिन इसका केवल 125 मिलियन गैलन ही वापस इस्तेमाल हो पाता है। बाकी का ज्यादातर हिस्सा यमुना नदी में छोड़ना पड़ता है। इसका कारण यह है कि 1994 के यमुना जल बंटवारे के समझौते के मुताबिक, 267 मिलियन गैलन शुद्ध जल को नदी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए नदी में ही डालना जरूरी है।नई परियोजन...
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