नई दिल्ली, जनवरी 1 -- उपभोक्ता अदालतों को आम आदमी के लिए त्वरित और सुगम न्याय का मंच माना जाता है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिण-पश्चिमी जिले में यह भरोसा लगातार कमजोर पड़ता दिख रहा है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि यहां दर्ज मामलों में से करीब 57 फीसदी अब भी लंबित हैं।आधे भी मामले नहीं निपटे बीते एक साल में जिले में 7,253 मामले दर्ज हुए, लेकिन इनमें से सिर्फ 3,099 का ही निपटारा हो सका है। तुलनात्मक रूप से नई दिल्ली जिला सबसे बेहतर प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। यहां 9,143 मामलों में से 7,612 का निस्तारण हो चुका है। इसका अर्थ है कि यहां 83.25 फीसदी मामलों का निपटारा किया गया, जो यह साबित करता है कि बेहतर व्यवस्था से उपभोक्ता न्याय की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है। राज्य उपभोक्ता आयोग की भूमिका भी अहम रही ...
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