नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन मालिकों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने दिल्ली एनसीआर के लाखों वाहन मालिकों को राहत देते हुए कहा कि पहले, लोग 40 से 50 साल तक अपने कारों का इस्तेमाल करते थे, अब भी पुरानी कारें मौजूद हैं। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने पुराने वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध के 2018 के आदेश पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिका विचार करते हुए यह आदेश दिया। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार की याचिका पर केंद्र और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को नोटिस जारी किया। अदालत ने चार हफ्तों में जवाब दाखिल करने का आदे...
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