नई दिल्ली, फरवरी 3 -- कई बार ऐसा होता है कि हमें कोई समस्या नहीं होती, किसी भी बड़ी बात का दुख नहीं रहता, फिर भी मन दुखी हो जाता है। कुछ बातें सुई की तरह दिमाग में चुभती रहती है और इससे एक अजीब सा स्ट्रेस बना रहता है। इसके कारण थकान, चिड़चिड़ापन, बोझिल का महसूस होने लगता है। न किसी से लड़ाई-झगड़ा, न कोई प्रेशर फिर भी दिमाग पर तनाव की लंबी रेखाएं बनी हुई हैं, तो ये माइक्रो स्ट्रेस के लक्षण हो सकते हैं। दिल्ली के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर अजय मित्तल ने इस बारे बताया। उनका कहना है कुछ लोग बड़ी चीजों की टेंशन लेते हैं, लेकिन कुछ लोगों के दिमाग में रोजमर्रा वाली टेंशन चलती रहती है और इसे माइक्रो स्ट्रेस कहते हैं।क्या है माइक्रो स्ट्रेस? माइक्रो स्ट्रेस का मतलब है छोटी चीजों से होने वाली टेंशन। जो देखने में काफी मामूली लगते हैं लेकिन इकट्ठा होकर हमा...