बहराइच, दिसम्बर 22 -- महसी, संवाददाता । कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली समेत विभिन्न गांवों में सितम्बर 2025 से भेड़िए के हमले शुरू हुए हैं तभी से दिन रात गश्त हो रही। गश्ती टीम को भनक नहीं लग रही। ट्रैप कैमरों में भेड़िए आ नहीं रहे। अचानक परिवार वालों के सामने से भेड़िए बच्चों को उठाकर ओझल हो रहे। सोमवार को फखरपुर के रसूलपुर के तीन वर्षीय अंश पुत्र मनोहर की मौत से वन विभाग के अधिकारी खासे बेचैन हैं। अब तक 11 मौतें हो चुकी हैं। हालांकि वन विभाग ने छह भेड़ियों को मार गिराने में भी कामयाबी पाई है। कड़ाके की सर्दी में लोगों का सुख चैन छिन गया। नौ सितंबर को कैसरगंज के पराग पुरवा से शुरू हुए हिंसक भेड़ियों के आतंक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जनपद के विभिन्न गांवों में अब तक इन खूंखार भेड़ियों के 60 हमलों में नौ मासूमों सहित 11 लोगों की मौत ...
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