किशनगंज, दिसम्बर 8 -- दिघलबैंक। एक संवाददाता किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के सिंघीमारी पंचायत का लगभग आधा दर्जन गांव आजादी के 78 साल बाद भी केवल एक पुल के अभाव में विकास के लिए पलकें बिछाए बैठा हैं। स्थिति ऐसी है कि यदि बरसात के दिनों में कोई बीमार पड़ जाए तो उन्हें सीमावर्ती नेपाल जाने की मजबूरी हो जाती है। सिंघीमारी पंचायत का चार वार्ड के लगभग आधा दर्जन गांव डाकूपाड़ा, पलसा, बलुवाडांगी, मंदिर टोला आदि कनकई नदी पर पुल नहीं रहने के कारण शेष पंचायत के हिस्से के लोग नेपाल समीप होने की वजह से इलाज के लिए नेपाल जाना बेहतर समझते हैं। यहां के लोगों को अपने पंचायत का पंचायत भवन जाने तक के लिए रास्ता नसीब नहीं है। यहां की लगभग 40 हजार की आबादी बरसात के दिनों में दैनिक उपयोग की चीजों के लिए नेपाल पर निर्भर ररहते हैं और भारत में निर्मित सामग्री भी...
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