पटना, जनवरी 10 -- बिहार पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि राज्य में लंबित मुकदमों में गवाहों की संख्या में तीन गुनी वृद्धि हुई है। इसके कारण 2025 में जनवरी से नवंबर तक एक लाख 43 हजार 545 अपराधकर्मियों को दोषसिद्ध कराया जा सका। इनमें चार अपराधियों को फांसी, 1097 को आजीवन कारावास, 560 को दस वर्ष या उससे अधिक की सजा दिलाई गई है। इसके अलावा 1410 अपराधियों को दस वर्ष से कम, 2491 को दो वर्ष से कम जबकि एक लाख 37 हजार से अधिक अभियुक्तों को जुर्माना और बांड पत्र की सजा दी गई है। मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर कांडों में हत्या के मामलों में सबसे अधिक अपराधियों को सजा सुनाई गई है। हत्या के 470 कांडों में 1084 अभियुक्तों को कोर्ट से सजा सुनाई गई है। इसके अलावा दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के 423 कांडों में 518, आर्म्स एक्ट के 349 कांडों में 462, अपह...