कौशाम्बी, मार्च 9 -- नगर पंचायत दारानगर कड़ाधाम के दारानगर छोटी दरबार में चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दिन कथावाचक स्वामी पुंडरीकाक्षाचार्य वेदांती ने श्रीराम कथा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वास, श्रद्धा और भक्ति से ही ईश्वर प्राप्ति संभव है। मां दुर्गे की आराधना मातृशक्ति की आराधना है। मां दुर्गा चारों वर्णों की मां है। शेर की सवारी का अर्थ है हिंसक प्रवृतियों पर सवारी और उसका दमन करना। विधा के साथ विवेक की भी आवश्यकता है। बिना विवेक के धन भी विनाशकारी है। भक्ति के लिए श्रद्धा और विश्वास दोनों का होना आवश्यक है। मानव जीवन भोग के लिए नहीं बल्कि योग के लिए है। वहीं प्राचीन ठाकुर द्वारा मंदिर बड़ी दरबार में सवा करोड़ सीताराम जाप कार्यक्रम के मुख्य यजमान हनुमान प्रसाद केशरवानी रहे।...
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