नई दिल्ली, जनवरी 29 -- वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में किस तरह से पुलिस वाले भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, इसका जीता जागता उदाहरण बुधवार को देखने को मिला है। पीड़ित अपने साथ हुए अपराध के लिए केस दर्ज कराने और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए चप्पलें घिस रहे हैं और पुलिस वाले केस से नाम हटाने का रेट फिक्स करके बैठे हैं। दहेज उत्पीड़न के केस से नाम हटाने के एवज में चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा ने 50 हजार रुपए का रेट फिक्स कर रखा था। 20 हजार लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार करके उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। चौकी इंचार्ज के साथ ही उसका सहयोग कर रहा सिपाही गौरव द्विवेदी भी रंगे हाथ पकड़ा गया है। एंटी करप्शन की टीम ने दोनों को बनारस के सबसे पॉश कहे जाने वाले सिगरा थाने के काशी विद्यापीठ चौकी से पकड़ा है। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर धारा बढ़ाकर जे...