आगरा, जनवरी 5 -- दहेज उत्पीड़न समेत अन्य में आरोपित दंपति समेत चार को राहत मिल गई है। अदालत ने आरोपित दामोदार, उसकी पत्नी मिथलेश, भाई रामविलास और रामनिवास निवासीगण परशुराम कॉलोनी जगनेर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रकाश शर्मा ने तर्क दिए कि वादी ने तथ्य छुपाए कि वह पूर्व से शादीशुदा थी। थाना खेरागढ़ में वादी रुबी ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी शादी श्रीनिवास के साथ पांच सितंबर 2014 को हुई थी। ससुरालीजन दहेज में दो लाख रुपये की मांग करते थे। पति श्रीनिवास की असमय मृत्यु हो जाने पर आरोपित ससुरालीजनों ने वादी के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया।
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