छपरा, फरवरी 21 -- सरकारी तंत्र की सुस्ती और लोक शिकायत व्यवस्था की ताकत का दिलचस्प उदाहरण लहलादपुर में सामने आया है। वर्ष 2016 के निर्वाचन कार्य में प्रशासन ने पंडितपुर गांव से एक मार्शल गाड़ी जब्त की थी। चुनाव खत्म होने के बाद वाहन तो मालिक को लौटा दिया गया, लेकिन किराया भुगतान की फाइल वर्षों तक दफ्तरों में ही अटकी रही। गाड़ी मालिक ताहिर हुसैन लगभग दस साल तक संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। हर बार आश्वासन मिला, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। थक-हारकर उन्होंने सरकारी दफ्तर जाना भी बंद कर दिया, और उनका हक फाइलों में धूल खाता रहा। हाल ही में उन्होंने अपनी पीड़ा एक सामाजिक कार्यकर्ता को बताई। कार्यकर्ता की पहल पर मामला लोक शिकायत में दर्ज हुआ तो प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। लहलादपुर के बीडीओ ने ताहिर हुसैन को प्रखंड कार्यालय बुलाकर निर्वाचन अ...