नई दिल्ली, जनवरी 26 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली में बीते दस वर्षों में प्रदूषक कणों का स्तर 31 प्रतिशत तक कम हुआ है, लेकिन अभी भी इस दिशा में ठोस प्रयास करने की जरूरत है। मानकों की बात करें तो दिल्ली की हवा में अब भी ढाई गुना से अधिक प्रदूषण मौजूद है। दिल्ली में प्रदूषण की बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए वर्ष 2015 में वायु गुणवत्ता सूचकांक के नए मानक निर्धारित किए गए थे। इसके साथ ही प्रदूषण की रोकथाम के लिए कई कदम उठाने शुरू किए गए। इनमें उद्योगों के लिए स्वच्छ ईंधन के नियम तय करना, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को बंद करना और वाहनों पर विभिन्न प्रकार की पाबंदियां शामिल हैं। खासतौर पर सर्दियों के दौरान प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) जैसी व्यवस्था भी लागू की जाती है। इन तमाम उपायों का कुछ असर दिल्ली ...