मुजफ्फर नगर, सितम्बर 1 -- भाद्रपद माह की शुक्ल अष्टमी को दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण पर्व के चौथे दिन सभी जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म मनाते हुए पूजा अर्चना गई। उत्तम शौच धर्म सिखाता है कि लोभ परिहारी, संतोषी गुण रतन भंडारी अर्थात् जिस व्यक्ति ने अपने मन को निर्लोभी बना लिया है, संतोष धारण कर लिया है, उसका जीवन परम शांति को उपलब्ध हो जाता है। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में पूजन करने वालो में शशांक जैन, विजय जैन, सतीश जैन, मुकेश जैन, विप्लव जैन, रोहित जैन (अप्पू), अरिहंत जैन, आशीष जैन, आशीष जैन सी ए , वैभव जैन, गौरव जैन, मनीष जैन, चंद्र जैन, अमन जैन आदि उपस्थित रहे। अतिशय क्षेत्र वहलना, मुनीम कालोनी, पटेलनगर, नई मंडी चौडी गली, जैन मिलन, सुरेन्द्र नगर, अबुपुरा, प्रेमपुरी, जैन नगर समेत शहर के सभी जैन मंदिरों में जैन श्रद्धालुओं ने...
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