संभल, मार्च 10 -- जनपद में आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है, जहां लगभग 3200 हेक्टेयर भूमि पर आम के बागान फैले हुए हैं। खासकर, दशहरी आम यहां के किसानों की मुख्य प्रजाति है, जो 90 प्रतिशत किसानों के खेतों में पाई जाती है। लेकिन हाल के वर्षों में दशहरी आम के पेड़ों में अल्टरनेट बियरिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसान परेशान हैं और कृषि विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। अल्टरनेट बियरिंग का मतलब है कि एक साल पेड़ों पर अच्छी फसल आती है लेकिन अगले साल उत्पादन बेहद कम हो जाता है। इस वजह से किसानों को हर साल लगातार आम की अच्छी पैदावार नहीं मिल पाती, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही है। इस वर्ष भी तमाम बागानों में यही हाल है, कई बागानों में अल्टरनेट बियरिंग की ऐसी मार पड़ी है कि एक पेड़ के आधे हिस्से में बौर लगा है जबकि आधा हिस्सा पूरी तरह से बांझ...
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