हापुड़, जून 3 -- गढ़मुक्तेश्वर। ज्येष्ठ दशहरा पर गढ़ गंगा में डुबकी लगाने का विशेष धार्मिक माना जाता है, क्योंकि भगवान शंकर के गण जय विजय को यहीं आकर दुर्वासा ऋषि के श्राप से मुक्ति मिली थी। महाभारत युद्ध में मारे गए वीर योद्धाओं समेत सगे संबंधित को लेकर व्याकुल हुआ पांडवों का मन भी यहीं आकर शांत हुआ था। ज्येष्ठ दशहरा के पावन अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार, मुजफ्फरनगर के शुक्रताल, मेरठ के मखदूमपुर, बिजनौर में विदुर कुटी, बैराज, अमरोहा के तिगरी धाम, बुलंदशहर के नरौरा और अनूपशहर समेत गंगा किनारे विभिन्न स्थानों पर आस्था की डुबकी लगती है। परंतु धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ज्येष्ठ दशहरा पर डुबकी लगाने की जो प्राचीन मान्यता गढ़-ब्रजघाट गंगा से जुड़ी है, वह किसी दूसरे स्थान की नहीं है। इस दौर में भी विकास की मुख्य धारा से अछूती चल रही गढ़ ब्रजघाट ...
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