मेरठ, जनवरी 9 -- यूपी के मेरठ में गुरुवार को दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले ने खासा तूल पकड़ा, जिसकी आंच 24 घंटे से ज्यादा सुलगती रही। घटना को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन हंगामे का दौर चला। अफसरों के अलावा राजनीतिक दलों ने भी पीड़ित के परिजनों से मुलाकात की, लेकिन वह अंतिम संस्कार के लिए नहीं माने। हालांकि देर शाम को फिर से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन सुनीता के शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए। परिजनों के मानने के बाद मौके पर मौजूद एडीएम (ई) ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा चेक सौंपा। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने, एक शस्त्र लाइसेंस जारी कराने, सरकारी पट्टा उपलब्ध कराने और 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। वहीं, सपा विध...