जमशेदपुर, फरवरी 21 -- कोल्हान विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में संपन्न हुए एक हालिया शोध ने झारखंड के दलमा वन्यजीव अभ्यारण्य की औषधीय संपदा को लेकर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य उजागर किए हैं। शोधार्थी पियाली पॉल द्वारा डॉ. दारा सिंह गुप्ता के निर्देशन में किए गए इस अध्ययन का मुख्य केंद्र दलमा क्षेत्र में पाए जाने वाले 'साइकोएक्टिव' यानी मनो-सक्रिय पौधे रहे। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि इस क्षेत्र की चुनी हुई वनस्पतियां तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) से जुड़ी जटिल समस्याओं, पुराने दर्द और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के उपचार में क्रांतिकारी साबित हो सकती हैं। शोध के दौरान जीसी -एमएस और एचपीएलसी जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर इन पौधों में मौजूद फाइटोकेमिकल्स का बारीकी से अध्ययन किया गया। जांच में पाया गया कि इन वनस्पति...