संतोष कुमार झा, जनवरी 13 -- देश के विकास और संकट की घड़ी में योगदान को लेकर दरभंगा राज परिवार का नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। बिहार के मिथिला क्षेत्र में फैला दरभंगा राज करीब 8380 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर स्थापित था। इसका मुख्यालय दरभंगा शहर रहा। इसकी स्थापना 16वीं सदी की शुरुआत में मैथिल ब्राह्मण जमींदारों ने की थी। दरभंगा राज परिवार को करीब से जानने वाले संतोष चौधरी बताते हैं कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान दरभंगा राज सबसे पहले मदद के लिए आगे आये। दरभंगा के इंद्र भवन मैदान में लगभग 15 मन यानी करीब 600 किलो सोना तौलकर राष्ट्र रक्षा के लिए दान दिया गया। राज परिवार ने अपने तीन निजी विमान भी देश को सौंप दिए। इसके अलावा 90 एकड़ में फैला निजी एयरपोर्ट सरकार को दान कर दिया। इसी भूमि पर आज का दरभंगा एयरपोर्ट संचालित है। जानकार बताते हैं क...
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