इटावा औरैया, नवम्बर 15 -- फोटो - दरगाह पर चादर पेश करते शिवपाल यादव व महफिले समां में कलाम पेश करते कव्वाल। इटावा,संवाददाता। कौमी एकता की प्रतीक दरगाह अबुल हसन शाह वारसी कटरा शहाब खां में 101 वें चार दिवसीय सालाना उर्स का आज सुबह हज़रत हाजी हाफ़िज़ सैय्यद वारिस अली शाह के कुल के साथ समापन हो गया। उर्स के दौरान बाद नमाज़ फ्जर कुरआन ख़्वानी का आयोजन हुआ, बाद नमाज़ ज़ोहर हनी वारसी सहित अन्य लोगों ने मज़ार शरीफ हज़रत सैय्यद अबुल हसन शाह वारसी का ग़ुस्ल किया जिसमे मुंबई से और पारसी परिवार के खुसरो नरीमन वारसी व परवेज हवलदार की ओर से सन्दल व चादरें पेश की गईं। इसके बाद महफिले समां का आयोजन किया गया जिसमें कव्वाल राजा सरफराज रामपुर ने कलाम पेश करते हुए कहा ऐसा कोई दिलकश कोई दिल गीर नहीं है, जैसे हैं मेरा पीर वैसा कोई पीर नहीं है। कव्वाल अली वारिस...