नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शादियों को इस आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता है कि पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे हैं। शीर्ष अदालत ने हाल ही में पारित फैसले में देशभर के उच्च न्यायालयों और परिवार अदालतों को चेतावनी दी कि वे सिर्फ इस आधार पर तलाक को मंजूर न करें कि दंपति अलग रह रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हाल ही में पारित अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि जज को अलग होने के पीछे के कारणों की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए और असली कारण पता लगाना चाहिए। पीठ ने कहा कि हम यह भी कहना चाहेंगे कि हाल के दिनों में अदालत अक्सर यह देखा पति-पत्नी अलग रह रहे हैं, इसलिए शादी को ऐसा रिश्ता टूटा हुआ मान लेना चाहिए जिसे सुधारा न जा सके। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस नतीजे पर पहुंचने से पहले, परिवार अदालत या हाईक...