नई दिल्ली, नवम्बर 12 -- यहां की एक विशेष अदालत ने 2005 के दंगा मामले में सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सांसद रवींद्र वायकर और तत्कालीन अविभाजित शिवसेना के 28 अन्य सदस्यों को बरी कर दिया। सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों के विशेष जज सत्यनारायण नवंदर ने 7 नवंबर को दंगा, गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और अन्य संबंधित अपराधों के आरोप में 29 शिवसेना नेताओं और कार्यकर्ताओं को बरी कर दिया। आदेश की प्रति बुधवार को उपलब्ध हुई। वायकर के अलावा, अन्य आरोपियों में शिवसेना नेता महेश सावंत और विशाखा राउत शामिल थे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि आरोपी उस गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा थे जिसने दंगा किया था। यह मामला जुलाई 2005 में हुई एक घटना से संबंधित है, जब नारायण राणे ने बाल ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से निष्कासन के...