बागपत, मई 8 -- थैलेसीमिया से ग्रसित मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। जिले में अब तक कई बच्चों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के पास इलाज तो छोड़िए, मरीजों का आंकड़ा तक नहीं है। जिससे स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि थैलेसीमिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना अलर्ट है। थैलीसीमिया का नाम सुनकर अच्छे भलों की रूह कांप जाती है। यह एक ऐसा रोग है। जिसमें मौत निश्चित मानी जाती है। इसलिए इस रोग को पैदा होने से पहले ही खत्म करना होगा, लेकिन बागपत के स्वास्थ्य विभाग तो कुंभकरणी नींद सोया हुआ है। उसके पास तो इस बीमारी से ग्रसित मरीजों का कोई आंकड़ा ही नहीं है। ऐसे में वह इस जानलेवा बीमारी को कैसे खत्म करेगा, इसका अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है। वहीं, चिकित्सकों की मानें, तो शादी के लिए कुंडली मिलान से पहले ब्लड ग्रुप मिलाने से यह रोग खत्म क...
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