वाराणसी, दिसम्बर 14 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। थैलेसीमिया (आनुवंशिक रक्त विकार) वर्तमान समय में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर रही है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए कुंडली मिलान के साथ-साथ शादी से पहले थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग भी अनिवार्य होनी चाहिए। यह कहना है एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता के हेमेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तुफान कांती डोलाई का। वह शनिवार को आईएमएस बीएचयू के हेमेटोलॉजी विभाग और वाराणसी क्लिनिकल हेमेटोलॉजी सोसाइटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय 'हेमोकॉन' कार्यक्रम में बोल रहे थे। केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. डोलाई ने कहा कि यदि शादी से पहले थैलेसीमिया की जांच नहीं हो पाती है तो गर्भावस्था के दौरान तीन महीने के भ्रूण की जांच कर इस बीमारी की पहचान की जा सकती है। पुष्टि होने पर चिकित्सकीय...
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