बलरामपुर, दिसम्बर 2 -- गैसड़ी, संवाददाता। नेपाल सीमा से सटे सुहेलवा वन प्रभाग में निवास करने वाले दो दर्जन से अधिक थारू जनजाति के ग्राम पंचायत क्षेत्र का हाल बेहाल है। आजादी के 77 साल बीतने के बाद भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी। यहां तक कि लोगों को आवागमन करने के लिए न तो क्षेत्र में पक्की सड़कें हैं और न ही बिजली एवं मोबाइल नेटवर्क। पहाड़ी नालों से घिरे दर्जनों नालों पर पुलिया तक नहीं बनी है। ऐसे में थारू जनजाति के लोग अपने आपको देश से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं। अब ऐसे में थारू समाज के लोगों के लिए आवागमन की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उनके शिक्षा व व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। बिजली न होने से उनकी पढ़ाई नहीं हो पा रही। सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इ...
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