मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 24 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। थाने से अब पीड़ित को एफआईआर की नकल देना अनिवार्य हो गया है। नकल के लिए पीड़ित को थाने का मुंशी नहीं दौड़ा सकता है। एफआईआर के फॉर्मेट पर ही नकल की पावती को लेकर पीड़ित से हस्ताक्षर कराना है। कोर्ट ने इसको लेकर सख्ती बरती है। पीड़ित को नकल देने के नियम का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट के निर्देश पर अब थाने से एफआईआर की प्रति देने के साथ ही एफआईआर फॉर्मेट पर पीड़ित से हस्ताक्षर भी लिए जा रहे हैं। एफआईआर के फॉर्मेट के कॉलम 14 में इसका जिक्र है। इस कॉलम में दिया गया है कि शिकायतकर्ता को 'प्राथमिक सूचना रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, सही दर्ज मानी गई और एक प्रति नि:शुल्क दी गई। कॉलम 14 के बाद कॉलम 15 में शिकायतकर्ता अथवा पीड़ित का हस्ताक्षर लेना है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि...
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