नई दिल्ली, जून 17 -- "जब तक 1 करोड़ नहीं, तब तक आम नहीं!" - ये कोई मजाक नहीं, बल्कि चौमूं के थानाधिकारी प्रदीप शर्मा का संकल्प था। लेकिन किसे पता था कि उनका ये 'आम' संकल्प, चौमूं में असाधारण कमाल कर देगा। मंदिर निर्माण के लिए शुरू हुआ ये संकल्प अब सवा तीन करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है - और वो भी सिर्फ कुछ ही दिनों में! कानून व्यवस्था में भी निभाई अगुवाई प्रदीप शर्मा सिर्फ मंदिर अभियान तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने इस जन-जागरण का उपयोग क्षेत्र की कानून व्यवस्था को सुधारने में भी किया। गश्त बढ़ाई गई, युवाओं के साथ संवाद बैठकें की गईं, नशा व अपराध विरोधी कार्यक्रम चलाए गए। आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ और स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। आम ने जोड़े अरमान, बदले चौमूं के हालात श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर के जीर्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.