मुजफ्फर नगर, फरवरी 22 -- शुकतीर्थ मे स्थित महाशक्ति सिद्धपीठ आश्रम मे जारी त्रिसुक्त पाठ का रविवार को समापन हो गया। इस अवसर पर हवन यज्ञ मे पूर्णआहुति दी गयी व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। वैदिक सुक्त अनुष्ठान के अवसर पर स्वामी विज्ञानंद महाराज ने कहा की वेद के सूक्त वेद की मंत्रराशि से परिपूर्ण होते हैं । इनका विधि पूर्वक अनुष्ठान और शुद्ध उच्चारण के साथ यह वांछित फल देने मे सुलभ है।वेद मंत्रोच्चार एवं अनुष्ठान के लिए श्रीमदभागवत गीता मे सेंकड़ो प्रकार के विधान लिखित हैं। विधि से युक्त अनुष्ठान की पूर्णता पर अन्नदान की व्यवस्था हो, ठीक प्रकार से मंत्रो का उच्चारण हो, साथ ही दक्षिणा का विधान हो।यह सब तभी फलीभूत होते हैं।जब श्रद्धा के साथ इनको परिपूर्ण किया जाये। साध्वी योग नंदनी ने कहा कि शुद्धता,पवित्रता,शान्ति के लिए श्रीसुक्त,पुरुसुक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.