मुजफ्फर नगर, जून 20 -- शिक्षा क्षेत्र के भगीरथ स्वामी कल्याणदेव ने सद्कर्मो के योग से दीर्घायु जीवन पाया था। दुर्लभ संयोग है कि विश्व योग दिवस से उनकी जन्मतिथि आश्चर्यजनक मेल खाती है। 21 जून, 1876 को बागपत जनपद के गांव कोताना में जन्में कर्मयोगी संत की आज (शनिवार)150 वीं जयंती है। उन्होंने कैसे 129 वर्ष की दीर्धायु आयु प्राप्त की, ये अचरज की बात है। शुकतीर्थ के जीर्णद्धारक स्वामी कल्याणदेव का व्यक्तित्व बेहद सरल और अनूठा था। संयम और तप से उनकी पूरी दिनचर्या ही योग बन गई थी। वैराग्य के बाद उन्होंने युवावस्था में पैदल ही देश में लम्बी तीर्थ यात्राएं की। वर्षों तक शुकतीर्थ से हरिद्वार तक की दूरी स्वामी जी पैदल ही पूरी करते रहे। एक लंगोटी और हाथ से कते सूत के कंबल को लपेट कर उन्होंने पचास साल से ज्यादा बरस गुजार दिये थे। श्री शुकदेव आश्रम ट्र...