रामपुर, जुलाई 20 -- रामपुर। पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव त्याग, तप और तत्वज्ञान की अनोखी प्रेरणा हैं। उनके बिना न तो जीवन का सार है और न ही कोई महत्व। यदि मनुष्य को भव सागर से पार जाना है, तो भगवान शिव की भक्ति में खोना ही होगा। उन्होंने भगवान शिव के मानव कल्याण के महत्व को भी रेखांकित किया। अंतिम दिन कृष्णा विहार कालोनी में आयोजित शिवपुराण का शुभारंभ पूर्व मंत्री शिवबहादुर सक्सेना ने पूजन कर किया। इसके बाद पंडित विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा ने शिक्षाप्रद जीवन और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सनातम धर्म में भगवान शिव को संहार के देवता के रूप में जाना जाता है, लेकिन उनका जीवन और उनकी कथाएँ हमें गहराई से सोचने और आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करती हैं। वे केवल एक देव नहीं, बल्कि योग, ध्यान, प्रेम और त्याग क...
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