फतेहपुर, मई 31 -- फतेहपुर, संवाददाता। सिख समाज के पांचवे गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शुक्रवार को अखंड पाठ की समाप्ति के बाद अरदास लगाने के बाद ठंडी मीठी छबील (शर्बत) का वितरण कर लोगो का गर्मी में गला तर कराया गया। वहीं गुरु के जीवन पर प्रकाश डाला गया। ज्ञानी सिमरजीत सिंह ने बताया कि गुरु अर्जुन देव को मुगल सम्राट जहागीर के शासनकाल में गुरु के विरोधी सक्रीय हो गए। जो जहांगीर को उनके खिलाफ भड़काने लगे, इसी बीच शहजादा खुसरो ने अपने पोते जहांगीर के खिलाफ बगावत कर गुरू की शरण ले ली। जिसकी जानकारी होने पर उन्हे बंदी बनाए जाने के साथ ही गर्म तवे पर बैठाने, गर्म तेल व रेती डालने जैसी यातनाएं पांच दिन तक दी गई। जिससे गुरु मूर्छित हो गए, उनके मूर्छित होने के पर उनके शरीर को रावी नदी में बहाकर वर्ष 1606 में...
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