प्रयागराज, अक्टूबर 9 -- प्रयागराज, संवाददाता। झलवा में हुई सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी की हत्या मामले में तेरह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। उसे अब तक कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है जिससे वह हत्यारों तक पहुंच सके। हालांकि उसने एक सप्ताह में ही हत्यारों को पकड़ने का वादा किया था। हत्यारों के न पकड़े जाने से जहां पुलिस की कार्यकुशलता और उसका मुखबिर तंत्र सवालों के घेरे में है, वहीं सैन्यकर्मी के परिजनों में नाराजगी भी बढ़ रही है। कौशांबी के मूल निवासी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी 60 वर्षीय अमर सिंह धूमनगंज के कसारी-मसारी में परिवार के साथ रहते थे। एयरपोर्ट क्षेत्र में मोहिनी चौराहे के समीप झलवा में उनका एक प्लॉट था। इसी पर बोर करा रहे थे। 27 सितंबर को वहीं एक निर्माणाधीन मकान में उनका रक्तरंजित शव मिला था। उनके सिर व चेहरे पर गंभीर चोट थी। हत्या से ना...
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