लखीसराय, सितम्बर 29 -- चानन, निज संवाददाता। शारदीय नवरात्र को लेकर हर जगह उल्लास का वातावरण कायम है। प्रायः दुर्गा मंदिरों में भक्ति भाव के साथ मां की पूजा हो रही है। ऐसे में प्राचीन दुर्गा मंदिर तेतरहट की महिमा भी काफी निराली है। आजादी के पहले 1935 से ही मां की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। स्थापना काल में मंदिर का स्वरूप छोटा था। पहले खपरैल के बने मंदिर में प्रतिमा स्थापित होती थी। उसके बाद छोटा मंदिर बनाया गया। 2010 के बाद मंदिर का स्वरूप बदलने लगा। वर्तमान में भव्य मंदिर में माता की पूजा होती है। मंदिर व पूजा कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव गुड्डू कुमार, पूर्व मुखिया रघुनाथ साव, पूर्व उपप्रमुख उमेश साव, तेतरहट पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अशोक यादव के सहयोग से मंदिर निर्माण में अब तक करीब तीन करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है...
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