भदोही, अक्टूबर 31 -- बाबूसराय, हिन्दुस्तान संवाद। मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। तीन दिन से लगातार चल रही हवा संग हो रही बारिश ने कृषकों की चिंता बढ़ा दी है। जलमग्न खेतों में कटी धान की फसल तैर रही है। धान फसल भिगने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही उत्पादन भी घट गया है। आंख के सामने मेंहनत की कमाई नष्ट होता देख किसान खून के आंसू रो रहे हैं। सिवान में पहुंच रहे कृषकों का चेहरा मायूस हो जा रहा है। किसानों की माने तो धान की फसल इस वर्ष बहुत अच्छी हुई थी। लेकिन मौसम की मार ने किसानों की हर उम्मीदों पर पानी फेर दी है। जलमग्न खेतों में तैर तैर रहे धान फसल को देख अन्नदाता सांसत में पड़ गए हैं। गिरी धान फसल को किसान कैसे उठाएं यह समझ नहीं पा रहे हैं। मेंहतन की कमाई काटकर घर में रखने का समय आया तो मौसम दगा दे गया। तीन दिन से बा...
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