मेरठ, नवम्बर 16 -- मेरठ। अत्यधिक तेज पराबैंगनी रोशनी भी खास तरह के फोटो डिटेक्टर से पहचानी जा सकेगी। यह तकनीक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य उपकरणों में क्रांतिकारी साबित होगी। स्वास्थ्य उपकरणों में यह गंभीर रोग को शुरुआती चरण में पकड़ सकेगी, जबकि सुरक्षा उपकरणों में संवेदनशील पदार्थों की सटीक एवं त्वरित जांच संभव होगी। चौ.चरण सिंह विवि कैंपस के भौतिक विज्ञान विभाग में 'फोटॉनिक्स एंड इमर्जिंग मैटेरियल्स फॉर फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी (पीईएमएफटी-2025)' विषय पर तीन दिवसीय कांफ्रेंस शनिवार को संपन्न हो गई। आखिरी दिन विशेषज्ञों ने विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे शोध कार्य और इनके भविष्य में संभावित असर को प्रस्तुत किया। आईआईटी रोपड़ से डॉ. मुकेश कुमार ने विशेष तरह के फोटो डिटेक्टर दिखाए जो बहुत तेज पराबैंगनी रोशनी को पहचान सकते हैं। बार्क मुंबई से डॉ. अनिल ...