नई दिल्ली, नवम्बर 15 -- बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की भारी हार ने पार्टी नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राघोपुर से तेजस्वी यादव खुद भी कई राउंड की कड़ी टक्कर के बाद जीत दर्ज कर सके, जबकि पार्टी की सीटें घटकर केवल 25 पर सिमट गईं। इस लड़ाई ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दूं कि विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव को अपने परिवार में भी आपसी लड़ाई का सामना करना पड़ा था। 2020 में तेजस्वी 'परिवर्तन का चेहरा' बनकर उभरे थे। 10 लाख सरकारी नौकरियों का उनका वादा चुनावी माहौल पर पूरी तरह हावी था और इसका परिणाम यह हुआ कि आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन इस बार 'हर परिवार को एक सरकारी नौकरी' का उनका वादा युवाओं ने खोखला माना, खासकर तब जब नौकरी और पेपर लीक जैसे मुद्द...