लखीमपुरखीरी, अगस्त 2 -- जंगल से बाहर निकलकर इंसानी बस्तियों व खेतों की ओर टहल रहे तेंदुओं को लेकर गांव वाले डरे हुए और भ्रमित हैं। ऐसे में वे खेतों में रह रहे फिशिंग कैट और लैपर्ड कैट को भी तेंदुए का शावक समझ बैठते हैं। तेंदुआ और फिशिंग कैट का भ्रम दूर करने के लिए वन विभाग गांववालों को जागरूक करेगा। जिस गांव में वन विभाग बाघ व तेंदुए से बचाव के लिए कैंप लगाएगा, वहां दोनों के फर्क के बारे में भी जानकारी देगा। दुधवा बफर जोन, दक्षिण खीरी के इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार देखी जा रही है। दक्षिण खीरी में तो तेंदुए ने एक बच्चे की जान ले ली। हाल ही में बफर जोन की धौरहरा वन रेंज में एक तेंदुआ पिंजरे में फंसा था। इसके बाद गांव वालों में तेंदुए को लेकर दहशत है। तेंदुओं के चक्कर में गांव वाले फिशिंग कैट और लैपर्ड कैट से भी डर रहे हैं। गांव वाले...
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