गाज़ियाबाद, अक्टूबर 6 -- गाजियाबाद। जीडीए ने तुलसी निकेतन योजना के पुनर्विकास (री-डवलपमेंट) को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। माना जा रहा है कि इसको लेकर जीडीए और एनबीसीसी के बीच इस हफ्ते समझौता पत्र (एमओयू) भी साइन हो सकता है, जिसके बाद वहां के जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को जल्द नए फ्लैट मिल सकेंगे। जीडीए वर्ष 1989-90 में 7.83 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तुलसी निकेतन योजना लाया था, जिसमें 2004 ईडब्ल्यूएस और 288 एलआईजी बनाए गए। कुल 2,292 मकानों में 60 दुकान भी संचालित हैं। यहां 20 हजार से अधिक आबादी रहती हैं। मकानों की हालत काफी खराब होने के कारण दीवारों का प्लास्टर गिरने की कई बार घटना हो चुकी है। कई बार हुए हादसों में लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आईं हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए प्राधिकरण यहां पुनर्विकास (री डवलपमेंट) के तह...