विधि संवाददाता, सितम्बर 9 -- Maternity Leave: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मातृत्व अवकाश अस्वीकार करने के बीएसए बिजनौर के आदेश को स्थापित विधि सिद्धांत के विपरीत होने के कारण रद्द कर दिया है। साथ ही उन्हें निर्धारित कानूनी प्रावधान के तहत मातृत्व अवकाश पर चार सप्ताह में नए सिरे से आदेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अंशुल दत्त की याचिका पर अधिवक्ता मिथिलेश कुमार तिवारी व बीएसए बिजनौर के वकील को सुनने के बाद याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। बीएसए ने यह कहते हुए याची के मातृत्व अवकाश की अर्जी निरस्त कर दी कि याची के दो जीवित बच्चे हैं इसलिए तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मातृत्व अवकाश नहीं दिया जा सकता। अधिवक्ता मिथिलेश कुमार तिवारी के मुताबिक याची सहायक अध्यापिका है। बता दें कि इसी साल मई मही...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.