प्रयागराज, दिसम्बर 2 -- प्रयागराज। केस-01 : चाका के रहने वाले प्रह्लाद को सांस की बीमारी है। वे बेटी सुमन के साथ सोमवार को इलाज कराने एसआरएन अस्पताल आए। सुमन ने घर से अपने भाई को बुलवाया तब दोनों प्रह्लाद को उठाकर ओपीडी तक ले गए। लेकिन तब तक ओपीडी बंद हो गई थी। केस-2 : सोरांव के रहने वाले देवी शंकर को उनके बेटे सुधीर इलाज के लिए अस्पताल ले आए। लेकिन सीढ़ियों पर न चढ़ पाने के कारण देवी शंकर ओपीडी तक नहीं पहुंच पाए। वे बिना इलाज के ही घर वापस चले गए। प्रह्लाद और देवी शंकर की तरह रोज 20 से 25 गंभीर सांस व टीबी रोगी प्रतिदिन ओपीडी तक न पहुंच पाने के कारण बिना इलाज वापस चले जाते हैं। क्योंकि मरीजों के पास न इतनी ताकत होती है की तीसरी मंजिल पर स्थित ओपीडी तक पहुंच सके और न ही लिफ्ट चलती है कि जिसके सहारे वह आसानी से डॉक्टर तक पहुंचे। टीबी व सां...