गोंडा, फरवरी 4 -- गोण्डा, संवाददाता। शहर के आईटीआई मार्ग पर आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन आचार्य कौशिक ने भगवान शिव की महिमा, जीव और परमात्मा के संबंध तथा जीवन में भक्ति पर प्रकाश डाला। कहा कि जब भी तीर्थ स्थल पर जाएं तो वहां एक रात्रि रुकें। इससे मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। तीसरे दिन की कथा में माता पार्वती की घोर तपस्या, शिव पार्वती विवाह और उनके वैराग्य से गृहस्थ जीवन, शिव शक्ति संवाद, शिव परिवार की महत्ता की कथा का गुणगान किया। आचार्य कौशिक ने कहा कि सांसारिक मोह से ऊपर उठकर शिव की शरण में जाना ही परम सुख है। शिव भक्तों से कथा में दुनियादारी और परिवार के अत्यधिक मोह को छोड़कर परमात्मा के प्रति समर्पित होने का संदेश दिया। गंगा, नर्मदा सहित अन्य पवित्र नदियों की पवित्रता की कथा सुनाई। कहा कि जब तक इंसान के अंदर मोह और अहंकार र...