पटना, दिसम्बर 31 -- जरूरी और ज्यादा बिकने वाली 300 दवाओं पर केंद्र सरकार के निर्देश पर संबंधित कंपनियों की ओर से क्यूआर कोड लगाया गया है। आम लोग नकली और असली दवा की पहचान कर सकें और दवा गुणवत्तापूर्ण मिले, इसके लिए तकनीक का उपयोग किया गया है। ये सभी दवाएं सिडयूल एच-2 में शामिल हैं। क्यूआर कोड के साथ प्रत्येक दवा का यूआरएल भी अलग-अलग है। इससे नकली और असली दवा की पहचान आसानी से हो सकेगी। सहायक औषधि नियंत्रक चुनेन्द्र महतो ने बताया कि सरकार के निर्देश पर एच-2 की सभी दवाओं पर क्यूआर कोड संबंधित कंपनी की ओर से लगवाया जा चुका है। आम लोग जब दवा खरीदने जाएं तो अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन जरूर करें और संदेह होने पर औषधि विभाग को सूचना दें ताकि कार्रवाई हो सके। दवा पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक लिंक आएगा। लिंक पर जाने के बाद दवा से संबंधित ...