गोपालगंज, दिसम्बर 1 -- कुचायकोट, एक संवाददाता सिपाया स्थित केंद्रीय कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक इन दिनों शून्य जुताई तकनीक के तहत किसानों के खेतों में बुआई करा रहे हैं। इस आधुनिक कृषि विधि से कम लागत में अधिक पैदावार होती है। रबी सीजन में 300 एकड़ में फसलों की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. अनुपमा कुमारी ने बताया कि पिछले वर्ष पांच चयनित गांवों में शून्य जुताई से गेहूं की बुआई कराई गई थी। जिसका परिणाम अत्यंत संतोषजनक रहा। कम लागत में उच्च उत्पादन मिलने से किसानों का इस तकनीक पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि शून्य जुताई विधि में कटे हुए धान के खेतों में बिना जुताई किए ही गेहूं की बुआई की जाती है। वैज्ञानिक स्वयं गांवों में जाकर किसानों की उपस्थिति में इस तकनीक से बुआई करा रहे हैं। परियोजना से जुड़...
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